Friday, October 9, 2020

From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : Nature Dawn Painting on 10 October 2020

                               From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : 

Nature Dawn Painting on 10  October 2020

(The whole article along with all the images  are subject to IPR))



सुभाषितानि 





संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है एवं विश्व की सभी भाषाओं में  वैज्ञानिक भी। भारतीय संस्कृति में संस्कृत भाषा का अत्यन्त महत्त्व है। संस्कृत भाषा को देव भाषा भी कहते हैं। हमारे ऋषि-मनीषियों ने अपनी  व्यक्तिगत साधना, अनुभव तथा ज्ञान के आधार पर अनेकानेक श्लोकों की रचना की हैं जो समस्त मानव के लिए ज्ञानदायी हैं  प्रेरणादायी हैं  प्रोत्साहनदायी हैं कल्याणकारी हैं। 


विद्या ददाति विनयं   विनयात् याति पात्रताम्। 
   पात्रत्वात् धनमाप्नोति धनात् धर्मं ततः सुखम्।।   


विद्या विनय या विनम्रता देती है प्रदान करती है, विनय से पात्रता या योग्यता आती है, पात्रता या योग्यता से धन की प्राप्ति होती है, धन से (व्यक्ति) धर्म के कार्य करता है - एवं सुखी रहता है। 







Image (C) Dr Ajay Kumar Ojha


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