Tuesday, August 18, 2026

राष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी में डॉ. अजय कुमार ओझा का सम्बोधन

राष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी में डॉ. अजय कुमार ओझा का सम्बोधन 






 #दिल्लीविश्वविद्यालय के #सत्यवतीमहाविद्यालय में #नागरीलिपिपरिषद के 51वें स्थापना दिवस पर आयोजित #राष्ट्रीयनागरीलिपिसंगोष्ठी को संबोधित करते हुए #डाॅअजयकुमारओझा


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नागरी लिपि परिषद् के 51वें स्थापना दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी

नागरी लिपि परिषद् के 51वें स्थापना दिवस पर आयोजित  राष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी  







 #दिल्लीविश्वविद्यालय के #सत्यवतीमहाविद्यालय में #नागरी #लिपिपरिषद के 51वें स्थापना दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी के मुख्य आकर्षण।











































































































































अंतरराष्ट्रीय सर्वभाषा नागरी लिपि आभासी कवि सम्मलेन में डॉ. अजय कुमार ओझा की गीतमयी प्रस्तुति

 अंतरराष्ट्रीय सर्वभाषा नागरी लिपि आभासी  कवि सम्मलेन में डॉ. अजय कुमार ओझा की गीतमयी प्रस्तुति 




#नागरीलिपिपरिषद के 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर आभासी #अंतरराष्ट्रीयसर्वभाषानागरीलिपिकविसम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें मुझे भी भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। मैंने अपने बाबूजी #आचार्यरवीन्द्रनाथओझा को याद कर एक #भोजपुरी कविता 'कइल बलमुआ से प्यार सजनी' को गा कर सुनाया।

यह भोजपुरी कविता हमारी एक भोजपुरी पुस्तक 'छलके छलके नयनियाॅं के कोर' से लिया गया था ।
पुस्तक का नाम : छलके छलके नयनियाॅं के कोर
प्रकाशक: अनुराधा प्रकाशन
उपलब्धता : अमेज़न पर











डॉ. अजय कुमार ओझा की अंग्रेजी पुस्तक "INDIA IN KOREA" का लोकार्पण

 

डॉ. अजय कुमार ओझा की अंग्रेजी पुस्तक "INDIA IN KOREA"

का लोकार्पण 





#दिल्लीविश्वविद्यालय के #सत्यवतीमहाविद्यालय में आयोजित #नागरीलिपिपरिषद के 51 वें स्थापना दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी में मेरी अंग्रेजी पुस्तक

"India in Korea" का देश के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भव्य लोकार्पण किया गया।
Book : INDIA IN KOREA (Influence of Buddhism in Korea)
Author: Dr. Ajay Kumar Ojha
Publisher : Anuradha Prakashan
Available on: Amazon