अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच
द्वारा आयोजित
एकादश मासिक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गोष्ठी
31 मार्च 2026 को अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित एकादश मासिक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गोष्ठी का सफलता पूर्वक आयोजन किया गया।
स्वागत वक्तव्य : डॉ. सुशीला ओझा (संरक्षिका)
संचालिका : श्रीमती प्रणति ठाकुर
सरस्वती वंदना : मानस कुमार
धन्यवाद ज्ञापन : डॉ. अजय कुमार ओझा
गणमान्य प्रतिभागिता :
रचना सरन : (कार्यक्रम अध्यक्ष ) प्रख्यात साहित्यकार, रंगकर्मी, नृत्यांगना (कोलकाता)
डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा : निदेशक, टेल्नोटिका लिमिटेड (अफ्रीका)
ब्रजेश कुमार त्रिपाठी : मुख्य सतर्कता अधिकारी, कोल इंडिया लिमिटेड, कोलकाता
डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पांडे : पत्रकार, लेखिका, संपादक (नीदरलैंड्स)
चित्र रॉय श्रीकृष्णवी : अध्यक्ष, हिंदी साहित्य अकादमी (कोलकाता)
शिव शंकर सुमीत : कवि, पत्रकार, संपादक (खिदिरपुर, प. बंगाल )
महेंद्र भट्ट : सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार (ग्वालियर)
इन्द्र कुमार दीक्षित : पूर्व मंत्री, नागरी प्रचारिणी सभा एवं स्तरीय पदाधिकारी (देवरिया)
सिपाली गुप्ता : साहित्यकार एवं संस्कृतिकर्मी (24 परगना, प. बंगाल )
मानस कुमार : नवोदित रचनाकार (भागलपुर, बिहार)
डॉ. अजय कुमार ओझा : दिल्ली
श्रीमती प्रणति ठाकुर : सुप्रसिद्ध कवयित्री व साहित्यकार (कोलकाता)
कमल पुरोहित 'अपरिचित' : सुप्रसिद्ध कवि व साहित्यकार (कोलकाता)
इसके अतिरिक्त और भी साहित्यकार एवं रचनाकार इस आभासी (ऑनलाइन ) गोष्ठी से जुड़े रहे जिसमें उल्लेखनीय हैं जाने-माने वयोवृद्ध कवि-रचनाकार श्री नंदकुमार मिश्र जी एवं सुषमा मल्होत्रा जी, और इनका स्नेहाशीष गोष्ठी के दौरान बराबर मिलता रहा।
निश्चित रूप से यह गोष्ठी अत्यंत रोचक रही, तभी तो प्रायः सभी प्रतिभागी दो घंटे से अधिक के कार्यक्रम से आद्योपांत जुड़े रहे, और सब तरह से अनुशासित व सफल भी ।
अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच
संरक्षिका : डॉ. सुशीला ओझा
संस्थापिका व संयोजिका : डॉ. शिप्रा मिश्रा
महासचिव : श्रीमती शुभ्रा मिश्रा
अध्यक्ष : श्रीमती सुमन झा
सभापति एवं मीडिया प्रभारी : डॉ. अजय कुमार ओझा
महामंत्री एवं संचालिका : श्रीमती प्रणति ठाकुर
मुख्य सलाहकार : श्री कमल पुरोहित 'अपरिचित'
डॉ. सुशीला ओझा का स्वागत वक्तव्य :
अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच पर आज की इस एकादश, विशिष्ट एवं अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में मैं सुशीला ओझा आप सभी का हार्दिक वन्दन, अभिनन्दन करती हूँ। जैसा कि आपको ज्ञात है, यह मंच समीक्षक, आलोचक, शिक्षाविद्, रंगकर्मी, संस्कृतिकर्मी, प्रोफेसर डॉ बलराम मिश्र जी को समर्पित है। उन्होंने अपनी समृद्ध पुस्तकालय का नाम अनामिका रखा था। छायावादी रचनाकारों के प्रति उनका आकर्षण सर्वविदित है। उन्हें स्मरण करना मुझे हर बार एक नई ऊर्जा सहित प्रोत्साहित करता है। आज का यह विशिष्ट कार्यक्रम आप सभी की उपस्थिति से अति विशिष्ट हो गया है। वैसे तो अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच की काव्य गोष्ठी हर बार की तरह महीने के पहले मंगलवार को अर्थात 7 अप्रैल को संचालित होनी थी। किन्तु कुछ अपरिहार्य कारणों एवं विशेष परिस्थितिवश इसे आज 31 मार्च को ही संचालित करना पड़ रहा है। अप्रैल माह अनेक हिन्दी साहित्य सेवियों को स्मरण और नमन करता है। इसमें केदारनाथ अग्रवाल, निर्मल वर्मा, मन्नू भंडारी, माखनलाल चतुर्वेदी, जिगर मुरादाबादी, राहुल सांकृत्यायन, सफदर हाशमी, कुमार अंबुज, अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध जैसे अनेक-अनेक हिन्दी साहित्य के प्रखर पुंज, उद्भट विद्वानों, हिन्दी सेवियों की जयंतियाँ और जन्मदिवस हैं, वहीं कैलास वाजपेई, सच्चिदानन्द हीरानंद वात्सायन अज्ञेय, फणीश्वरनाथ रेणु, विष्णु प्रभाकर, राहुल सांकृत्यायन, गोपाल सिंह नेपाली, रामधारी सिंह दिनकर, शैलेश मटियानी, बालकृष्ण शर्मा नवीन जैसे माँ सरस्वती के अनेक वरद पुत्र-पुत्रियों की पुण्यतिथियाँ भी हैं। आज की इस विशिष्ट काव्य गोष्ठी में शक्ति की आराधक शक्तिपुंज भूमि से आज के कार्यक्रम की अध्यक्ष, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी सेवा के लिए प्रतिबद्ध साहित्यकार, लेखिका, समीक्षक, कुशल मंच संचालक, पश्चिम बंग हिन्दी अकादमी की सदस्य, प्रशिक्षित नृत्यांगना, रंगकर्मी रचना सरन जी, हिन्दी साहित्य अकादमी के बंगाल कोलकाता संभाग की अध्यक्ष, स्टेट प्रेसिडेंट ऑफ अखिल भारतीय सनातन परिषद और रक्षक परिषद की सशक्त प्रतिनिधित्व करने वाली चित्रा राय श्रीकृष्णवी जी, निष्णात शिक्षिका, समर्पित हिन्दी सेवी, संस्कृतिकर्मी, अंतरराष्ट्रीय महिला काव्य मंच नैहाटी इकाई की अध्यक्ष, नैहाटी कल्चर सोसायटी की सदस्य सिपाली गुप्ता जी, भारत की बेटी सूरीनाम की बहू, पत्रकार, लेखिका समीक्षक सम्पादक, अनुवादक नीदरलैंड टाउन हॉल आसन की परामर्श समिति की सदस्य, पूर्व समाचार वाचिका, कार्यक्रम संचालिका, अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ ऋतु शर्मा ननन पांडे जी, मध्य प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत और अभिसिंचित स्वनामधन्य कवि,लेखक, विख्यात व्यंग्यकार महेंद्र भट्ट जी, हरि का आयन एवं गीता के उपदेश से संतृप्त भूमि, धर्मक्षेत्र हरियाणा से सहायक आचार्य, काव्य गरिमा हिन्दी साहित्य मंच की संस्थापक अध्यक्ष, लेखिका कवयित्री लघुकथाकार, कहानीकार, गजलकार डॉ गरिमा भाटी गौरी जी, उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से नागरी प्रचारिणी सभा के पूर्व मंत्री, प्रख्यात साहित्यकार, आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के सक्रिय प्रस्तोता इंद्र कुमार दीक्षित जी, बिहार की बौद्धिक भूमि से पेशे से इंजीनियर, इंड टीवी बिहार के एडिटर इन चीफ, भोजपुरी अकादमी के अंतरराष्ट्रीय कोर्डिनेटर, महात्मा गांधी विचार मंच साउथ अफ्रीका के कोर्डिनेटर, एनाईसीएल के निदेशक डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा जी, कोल इंडिया लिमिटेड कोलकाता में सतर्कता अधिकारी, पूर्व मंडल रेलवे प्रबंधक, मातृभाषा का सशक्त प्रतिनिधित्व करने वाले ब्रजेश कुमार त्रिपाठी जी, कल्पतरु के अध्यक्ष, भारतीय वाङ्मय पीठ के मंत्री, चेतना जागृति संस्थान के मंत्री, सम्पादक, स्तंभकार, प्राध्यापक, कवि, लेखक पत्रकार शिवशंकर सिंह सुमित जी, आईटी सेक्टर में कार्यरत, नवोदित किन्तु अपनी सशक्त उपस्थिति से प्रभावित करने वाले रचनाकार मानस कुमार जी, आप सभी की सर्जनात्मक उपस्थिति को मैं नमन करती हूँ। महिला सशक्तिकरण की सार्थक परिभाषा गढ़ रही अध्यक्ष सुमन झा और इस मंच के सभापति बहुमुखी प्रतिभासंपन्न डॉ अजय कुमार ओझा का मैं हृदय से स्वागत करती हूँ। इस ऑनलाइन काव्य गोष्ठी के सूत्रधार सहृद कवि, गीतकार, ग़ज़लकार, प्रबुद्ध हिन्दी सेवी कमल अपरिचित जी और नवगीतकार, कोकिल कंठी, प्रणति ठाकुर की निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भावना को नमन करती हूँ। आप सभी अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच के महत्त्वपूर्ण स्तम्भ हैं। आप सभी के सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन के बिना इस मंच की कल्पना निराधार है। आप सभी को समक्ष देखकर, सुनकर मैं अत्यंत गौरवान्वित होती रही हूँ। आज के इस विशिष्ट वार्षिक कार्यक्रम के सभी अति विशिष्ट अतिथियों का मैं पुनः पुनः अभिनन्दन करती हूँ और आपकी अनुमति के बाद आगे के संचालन का दायित्व भार यशस्विनी प्रणति ठाकुर को देती हूँ। आप सभी का बारम्बार स्वागत है 🙏
कार्यक्रम अध्यक्ष आदरणीया रचना सरन जी की कार्यक्रम समीक्षा :
सादर नमस्कार सभी को 🙏
अनामिका साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच की एकादश काव्यगोष्ठी स्तरीय आयोजन की उदहारण है । आदरणीया @Didi 1 आंटी के संरक्षण, @Gudia दी के संयोजन और @Pranati Thakur दी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रारम्भ से ही बॉंधकर रखा । मानस कुमार जी द्वारा प्रस्तुत मॉं वीणापाणि की वंदना ने प्रभावित किया। नीदरलैंड्स से जुड़ीं डॉ ऋतु शर्मा जी ने अपनी कविता "जीत" के माध्यम से युद्धग्रस्त विश्व की मार्मिक स्थिति का बखान करते हुए निर्माण और करुणा का सुंदर संदेश दिया। देवरिया से आदरणीय इंद्र कुमार दीक्षित जी का सुंदर गीत" कैसे रिश्ते कैसे नाते, फूल झड़ गए रह गए कांटे" बहुत पसंद आया । सिपाली गुप्ता जी ने युद्ध पर अपनी कविता के माध्यम से इंसान की विनाशकारी प्रवृत्ति पर नाराज़गी जताई,जो जायज़ थी। आदरणीय चित्र राय कृष्णाबाई जी ने अपने गीत में जो प्रेम का प्रमाण मांगा_ बहुत सुंदर लगा। आदरणीय महेन्द्र भट्ट सर मैं अपनी इकलौती बीवी के प्रति जो भक्ति भाव जाताया, उससे, हमें पूरा विश्वास है ,सभी को अवश्य ही प्रेरणा मिली होगी 😊 और आपकी चुटकियों ने माहौल को गुंजायमान किये रखा। वहीं आदरणीय शिव शंकर सुमित सर ने टमाटरों का मोल बताते हुए अपनी श्रीमती जी पर शानदार रचना रखी। डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा जी के बेहतरीन अशआर/ग़ज़लें (भोजपुरी) , मानस कुमार जी की शानदार व्यंजनात्मक शब्द संयोजन से अलंकृत सारगर्भित कविताएं, कमल पुरोहित 'अपरिचित'जी के मुक्तक और ग़ज़ल "रिश्तो में तल्ख़ियां रखें.." डॉ अजय कुमार ओझा जी द्वारा प्रस्तुत "आना मेघ आना " _एक अद्भुत शब्द संयोजन और अप्रतिम भावाभिव्यक्ति की बानगी प्रस्तुत कर रहे थे। डॉ बृजेश कुमार त्रिपाठी जी ने भ्रष्टाचार पर व्यंग्य और अंतरात्मा की आवाज़ सुनने की बात बहुत सुंदर तरीके से बताइ। कार्यक्रम की संचालिका के दोनों गीत , कवियत्री की अलहदा कल्पना शक्ति और सुरीली आवाज मंत्र मुक्त कर गई।
इस अद्भुत आयोजन का हिस्सा बनने का सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ; इसके लिए हम हृदय से आयोजन मण्डल के, मुख्य रूप से डॉक्टर शिप्रा मिश्रा दीदी के आभारी हैं !धन्यवाद 🙏
हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आप सभी को! 💐