Friday, October 2, 2020

From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : Nature Dawn Painting on 03 October 2020

                                 From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : 
Nature Dawn Painting on 03 October 2020

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सुभाषितानि 





संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है एवं विश्व की सभी भाषाओं में  वैज्ञानिक भी। भारतीय संस्कृति में संस्कृत भाषा का अत्यन्त महत्त्व है। संस्कृत भाषा को देव भाषा भी कहते हैं। हमारे ऋषि-मनीषियों ने अपनी  व्यक्तिगत साधना, अनुभव तथा ज्ञान के आधार पर अनेकानेक श्लोकों की रचना की हैं जो समस्त मानव के लिए ज्ञानदायी हैं  प्रेरणादायी हैं  प्रोत्साहनदायी हैं कल्याणकारी हैं। 


यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते        रमन्ते तत्र देवताः । 
    यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः।। 

जहाँ नारियों की पूजा होती है उनका सम्मान होता है वहां देवता रमते हैं ईश्वर का वास होता है।  जहाँ उनकी पूजा नहीं होती वहाँ(किये गये)सर्व क्रिया  सभी कार्य  अफल हो जाते हैं निष्फल हो जाते हैं।  









Image (C) Dr Ajay Kumar Ojha

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