Sunday, October 4, 2020

From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : Nature Dawn Painting on 05 October 2020

                             From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : 
Nature Dawn Painting on 05 October 2020

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सुभाषितानि 






संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है एवं विश्व की सभी भाषाओं में  वैज्ञानिक भी। भारतीय संस्कृति में संस्कृत भाषा का अत्यन्त महत्त्व है। संस्कृत भाषा को देव भाषा भी कहते हैं। हमारे ऋषि-मनीषियों ने अपनी  व्यक्तिगत साधना, अनुभव तथा ज्ञान के आधार पर अनेकानेक श्लोकों की रचना की हैं जो समस्त मानव के लिए ज्ञानदायी हैं  प्रेरणादायी हैं  प्रोत्साहनदायी हैं कल्याणकारी हैं। 



दयाहीनं निष्फलं स्यान्नास्ति धर्मस्तु तत्र हि। 
 एते वेदा अवेदाः       स्युर्दया यत्र न विद्यते। 

दयाहीन-दयाविहीन कार्य निष्फल होता है, ऐसे  (दयाहीन ) कार्य में धर्म नहीं होता। जहाँ दया विद्यमान नहीं होती  वहाँ वेद भी अवेद हो जाता है। 








Image (C) Dr Ajay Kumar Ojha

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