Friday, September 25, 2020

From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : Nature Dawn Painting on 26 September 2020

From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : 
Nature Dawn Painting on 26  September 2020

(The whole article along with all the images  are subject to IPR))



सुभाषितानि 



संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है एवं विश्व की सभी भाषाओं में  वैज्ञानिक भी। भारतीय संस्कृति में संस्कृत भाषा का अत्यन्त महत्त्व है। संस्कृत भाषा को देव भाषा भी कहते हैं। हमारे ऋषि-मनीषियों ने अपनी  व्यक्तिगत साधना, अनुभव तथा ज्ञान के आधार पर अनेकानेक श्लोकों की रचना की हैं जो समस्त मानव के लिए ज्ञानदायी हैं  प्रेरणादायी हैं  प्रोत्साहनदायी हैं कल्याणकारी हैं  ।



अभिवादनशीलस्य   नित्यं    वृद्धोपसेविनः। 
  चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।। 


जो व्यक्ति अभिवादनशील है विनम्र है एवं नित्य वृद्धों यानी बुजुर्गों की सेवा करता है - उसकी चार चीजों   आयु, विद्या, यश (कीर्ति ) तथा बल में वृद्धि होती है। 






Image (C) Dr Ajay Kumar Ojha

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