Tuesday, August 18, 2026

अंतरराष्ट्रीय सर्वभाषा नागरी लिपि आभासी कवि सम्मलेन में डॉ. अजय कुमार ओझा की गीतमयी प्रस्तुति

 अंतरराष्ट्रीय सर्वभाषा नागरी लिपि आभासी  कवि सम्मलेन में डॉ. अजय कुमार ओझा की गीतमयी प्रस्तुति 




#नागरीलिपिपरिषद के 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर आभासी #अंतरराष्ट्रीयसर्वभाषानागरीलिपिकविसम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें मुझे भी भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। मैंने अपने बाबूजी #आचार्यरवीन्द्रनाथओझा को याद कर एक #भोजपुरी कविता 'कइल बलमुआ से प्यार सजनी' को गा कर सुनाया।

यह भोजपुरी कविता हमारी एक भोजपुरी पुस्तक 'छलके छलके नयनियाॅं के कोर' से लिया गया था ।
पुस्तक का नाम : छलके छलके नयनियाॅं के कोर
प्रकाशक: अनुराधा प्रकाशन
उपलब्धता : अमेज़न पर











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