अंतरराष्ट्रीय सर्वभाषा नागरी लिपि आभासी कवि सम्मलेन में डॉ. अजय कुमार ओझा की गीतमयी प्रस्तुति
#नागरीलिपिपरिषद के 51वें स्थापना दिवस के अवसर पर आभासी #अंतरराष्ट्रीयसर्वभाषानागरीलिपिकविसम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें मुझे भी भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। मैंने अपने बाबूजी #आचार्यरवीन्द्रनाथओझा को याद कर एक #भोजपुरी कविता 'कइल बलमुआ से प्यार सजनी' को गा कर सुनाया।
यह भोजपुरी कविता हमारी एक भोजपुरी पुस्तक 'छलके छलके नयनियाॅं के कोर' से लिया गया था ।
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