Tuesday, April 20, 2021

From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : 'Sanskrit Subhashitani' with Nature Dawn Painting on 21 April 2021

                                   From the Eyes of Dr Ajay Kumar Ojha : 

            'Sanskrit Subhashitani' with Nature Dawn Painting 
on 21 April  2021
            
              (The whole article along with all the images  are subject to IPR)




सुभाषितानि 



संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम भाषा है एवं विश्व की सभी भाषाओं में  वैज्ञानिक भी। भारतीय संस्कृति में संस्कृत भाषा का अत्यन्त महत्त्व है। संस्कृत भाषा को देव भाषा भी कहते हैं। हमारे ऋषि-मनीषियों ने अपनी  व्यक्तिगत साधना, अनुभव तथा ज्ञान के आधार पर अनेकानेक श्लोकों की रचना की हैं जो समस्त मानव के लिए ज्ञानदायी हैं  प्रेरणादायी हैं  प्रोत्साहनदायी हैं कल्याणकारी है।

'रामनवमी की शुभकामनाएँ।' 

"अत्यादरः शंकनीयः।"

अत्यधिक आदर-सम्मान किया जाना शंकनीय है, शंका-संदेह करने योग्य है। 



 



Image (C) Dr Ajay Kumar Ojha 


Image (C) Dr Ajay Kumar Ojha 


Image (C) Dr Ajay Kumar Ojha 


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