Friday, October 16, 2026

सनातनी कश्मीर पर डॉ. अजय कुमार ओझा की तीन पुस्तकें

सनातनी कश्मीर पर डॉ. अजय कुमार ओझा की तीन पुस्तकें 













 "कश्मीर में बेवजह क्यों तनातनी है

कश्मीर तो सदियों से सनातनी है।"

ऋषि कश्यप की धरती तो सदियों से सनातनी है।

" जिस देश में चक्रधर विष्णु तथा ईशान रूपी शिव का वास है, उस कश्मीर भूमि में तिल मात्र भी ऐसा कोई स्थान नहीं है, जो तीर्थ न हो ।"

सनातनी कश्मीरी पंडित ही यहां के मूल निवासी हैं। दुर्भाग्य है इस देश का जो मूल निवासी है उसको अपने ही देश में अपनी ही भूमि से अपने ही घर से अनेकों नरसंहार के उपरांत अनेकों बार पलायन करने के लिए विवश कर दिया गया। मूल निवासी बाहर, निर्मूल निवासी अंदर।

कश्मीर पर अब तक हमारी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है:

1. Lalitaditya Muktapida the Great
(The Alexander of North India)
Author: Dr. Ajay Kumar Ojha
Publisher: Anuradha Prakashan, Delhi
Available on Amazon

2. Sikandar: The Idol Breaker
(The Annihilator of Hindu Kashmir)
Author: Dr. Ajay Kumar Ojha
Publisher: Anuradha Prakashan, Delhi

Available on Amazon

3. कश्यपमीर (कॉफी-टेबल बुक)
(ऋषि कश्यप की धरती तो सदियों से सनातनी है)
लेखक: डाॅ. अजय कुमार ओझा
प्रकाशक: लोकमित्र, दिल्ली
अमेज़न पर उपलब्ध
























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